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मेरी रचनाएँ
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गांधी जयन्ती पर विशेष।
आज 2 अक्टूबर है, दो महान विभूतियों का जन्मदिन। स्वतंत्रता संग्राम के नायक , सत्य,अहिंसा एवं मानवता के पुजारी पूज्य बापू श्री मोहन दास...

Kishori Raman
Oct 1, 20212 min read


लाल मिरची
रविवार का दिन था और समय यही करीब बारह बज रहे थे। दीपक अपने कुछ दोस्तों के साथ एक छोटे से मैदान में फुटबॉल खेल रहा था। बॉल तो रबर की ही थी...

Kishori Raman
Sep 30, 20214 min read


खुश रहने के तरीके
दोस्तों, हर आदमी चाहता है कि खुश रहे पर वह रह नहीं पाता। लोग तर्क देते हैं कि खुश रहना हमारे वश में नही है बल्कि यह तो हमारे आस पास के...

Kishori Raman
Sep 29, 20213 min read


संस्मरण
जब मैंने पहली बार फ़िल्म देखी जब हम लोग छोटे थे तो फ़िल्म देखना बुरी बात समझी जाती थी। जैसे जुआ और ताश खेलना, शराब पीना बुरी बात थी वैसे...

Kishori Raman
Sep 28, 20214 min read


यादों के नाम
जिन्दगी के सफर में ऐसे कई मुक़ाम आये कुछ ने हाँथ थामा तो कुछ ने मुझे गिराये जो भी रहा अच्छा रहा उन्हें प्रणाम करते है अपनी ये गजल...

Kishori Raman
Sep 27, 20211 min read


हम जैसा सोचते हैं वैसा ही बनते है
हम अक्सर देखते है कि हमारे कुछ दोस्त या रिश्तेदार हमेशा हँसते और मुस्कुराते रहते है जब की बहुत सारे दोस्त जिनके पास सब कुछ होता है वे...

Kishori Raman
Sep 26, 20214 min read


गुस्सा आने पर क्या करे
वैसे तो गुस्सा आना आम बात है। जब भी हमे कोई बात बुरी लगती है या किसी का बर्ताव पसंद नही आता है तो हमे गुस्सा आ जाता है। पहले भी लोगों को...

Kishori Raman
Sep 25, 20213 min read


जीवन मे प्रकृति एवं अनुशासन का महत्व।
आज की दुनिया मे ऐशो -आराम एवं सुख सुबिधा की तमाम चीजें मौजूद है, फिर भी इंसान खुश नही है, प्रसन्न नही है। लोग जब ये कहते हैं कि वे जी नही...

Kishori Raman
Sep 24, 20213 min read


लघुकथा - लाजो भौजी
मैँ मुख्य सड़क पर बस से उतर कर गांव जाने के लिए खेतों के बीच से गुजरने वाली पगडंडियों वाला रास्ता चुना। बार बार पैर पगडंडि से फिसल जा रहे...

Kishori Raman
Sep 23, 20216 min read


आज मुझे रो लेने दो
दर्पण तो केवल सच दिखाता है फिर भी वह आलोचना का शिकार होता है। इसी तरह दूसरों की भलाई करने वाले लोगों को भी बहुत सारे इल्जाम झेलने पड़ते...

Kishori Raman
Sep 22, 20211 min read


साधन और साध्य
अक्सर ही हमारे समाज मे यह विवाद का विषय होता है कि क्या पवित्र साध्य (लक्ष्य) को प्राप्त करने के लिए साधन (मार्ग) का भी पवित्र होना...

Kishori Raman
Sep 21, 20213 min read


सन्तोषम परमः सुखम
बचपन से ही हम लोग ये सुनते आ रहें हैं कि "सन्तोषम परमः सुखम" ,यानी संतोष ही परम सुख है। अब सवाल उठता है कि आखिर संतोष है क्या ? संतोष ...

Kishori Raman
Sep 20, 20212 min read


प्यार
आज मैं अपनी दो लघु कविताएँ प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिसका एक ही शीर्षक है..... प्यार। कुछ लोगो के लिए प्यार ही सब कुछ होता है तो कुछ लोगो के...

Kishori Raman
Sep 19, 20211 min read


लघु कथा
रिश्तों की नई परिभाषा पूजा को तो समझ मे ही नही आ रहा था कि वह आज कौन सा ड्रेस पहने। रोज तो स्कूल ड्रेस में ही स्कूल जाना होता था अतः कोई...

Kishori Raman
Sep 18, 20214 min read


देखो न
हमारे पास जो है उसको भूल कर जो नही है उसकी तलाश में हम भटकते रहते हैं, जबकि सच्चाई यही है कि किसी को सब कुछ नही मिलता बल्कि कुछ न कुछ कमी...

Kishori Raman
Sep 17, 20211 min read


लघु कथा
शिरीष का पेड़ समय के साथ सब कुछ बदलता है। जब पहले मैं अपने गाँव जाता था तो मुख्य सड़क से उतर कर कच्ची सड़क पर करीब एक किलोमीटर पैदल उबड़...

Kishori Raman
Sep 16, 20215 min read


तीन मिनी कविताएँ
कविता टूटे दिलो की तड़पन है और जमाने भर की पीड़ा या फिर कल्पनाओं और खुशियों का खुला आकाश जहाँ न हँसने का कोई समय होता है और न ...

Kishori Raman
Sep 15, 20211 min read


बहरे संदर्भ
बहुत पहले "बहरे सन्दर्भ" नाम की एक लघु कविता संग्रह प्रकाशित हुई थी जिसमे हम पांच दोस्तो , मैं ,विजय कुमार वर्मा, मोहन मधुर, मनोज कुमार...

Kishori Raman
Sep 14, 20211 min read


हिन्दी दिवस के आयोजन का औचित्य।
यह कहावत तो आपसबों ने सुनी होगी ....चार दिन की चाँदनी , फिर अन्धेरी रात। सितम्बर का महीना और खास कर 14 सितम्बर का दिन राजभाषा हिन्दी के...

Kishori Raman
Sep 13, 20212 min read


लघु-कथा --राज भाषा कार्यान्वयन के टोटके
हर साल हमारा देश १४ सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाता है | आज की यह रचना हिंदी दिवस को समर्पित है | अचानक मेरे मोबाइल की घंटी बज...

Kishori Raman
Sep 12, 20213 min read
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